राशी खन्ना ने सिनेमा पर युद्ध के प्रभाव की चेतावनी दी

हैदराबाद – वैश्विक भू-राजनीति और मनोरंजन जगत के गहराते संबंधों के बीच, अभिनेत्री राशी खन्ना ने भारतीय फिल्म उद्योग के भविष्य को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष पर टिप्पणी करते हुए, राशी ने कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो सिनेमा उद्योग को एक बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

राशी खन्ना की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वे अपनी आगामी फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ का प्रचार कर रही हैं। उन्होंने पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण होने वाली भविष्य की मुद्रास्फीति (inflation) और सिनेमा पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई है।

“लक्जरी” का संकट और महंगाई की मार

एक हालिया इंटरव्यू में राशी ने कहा कि मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए फिल्में प्राथमिकता नहीं होती हैं। उन्होंने साझा किया, “मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार में पली-बढ़ी हूं और मुझे पता है कि फिल्में एक लक्जरी (विलासिता) की तरह हैं। जब पैसा कम होगा, तो फिल्में हमारी पहली प्राथमिकता नहीं होंगी।”

युद्ध के कारण तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान भारत में महंगाई बढ़ा सकता है। राशी के अनुसार, पहले से ही लोग सिनेमाघरों में जाने से कतरा रहे हैं, और आर्थिक संकट इस स्थिति को और खराब कर देगा।

छोटे और मध्यम बजट की फिल्मों पर खतरा

राशी ने चेतावनी दी कि आने वाले समय में छोटे और मध्यम बजट की फिल्मों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। उन्होंने कहा, “बड़े बजट की फिल्में तो चल जाएंगी, लेकिन छोटी फिल्में संघर्ष करेंगी। ओटीटी (OTT) भविष्य में और भी शक्तिशाली हो जाएगा।”

फिल्म व्यापार विशेषज्ञ रमेश प्रसाद ने इस स्थिति पर कहा: “उद्योग वर्तमान में दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ एलपीजी (LPG) की कमी जैसे कारणों से निर्माण लागत बढ़ रही है, और दूसरी तरफ दर्शकों की खर्च करने की क्षमता कम हो रही है। राशी का यह कहना बिल्कुल सही है कि 2026 में निर्माताओं को इस कड़वी हकीकत को ध्यान में रखना होगा।”

2026 में राशी का व्यस्त कार्यक्रम

उद्योग के लिए इस गंभीर दृष्टिकोण के बावजूद, राशी खन्ना के पास फिल्मों की एक लंबी सूची है। उनकी फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ 19 मार्च को रिलीज होने वाली है, जिसका मुकाबला रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ से होगा। इसके अलावा, वे ‘फर्जी 2’ की शूटिंग भी शुरू कर चुकी हैं।

राशी खन्ना की यह चेतावनी न केवल एक मानवीय अपील है, बल्कि उन लाखों लोगों के रोजगार के लिए भी एक चिंता है जो फिल्म उद्योग से जुड़े हैं। अब सबकी नजरें 19 मार्च की बड़ी रिलीज पर हैं, जिससे उद्योग को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।